कोरोना के केस घटने के बाद भी परीक्षा कराने में पीछे क्यों हट रही मोदी सरकार ?

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Jagran plus news, कोरोना की दूसरी लहर का असर अब कम हो गया है। बीते कुछ दिनों से कोरोना के मामलों में लगातार गिरावट देखी जा रही है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीबीएसई 12वीं की परीक्षा को लेकर बड़ा फैसला किया है। 12वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द कर दी गई है। अब सवाल ये है कि आखिर कोरोना के घटते मामलों के बीच मोदी सरकार परीक्षा कराने से क्यों पीछे हट रही हैं ?

दरअसल, बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने की मांग विपक्ष लगातार कर रहा था। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने सीबीएसई की 12वीं परीक्षा को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को पत्र लिखकर परीक्षा कैंसिल करने की मांग उठाई थी। सिर्फ प्रियंका गांधी ही नहीं बल्क‍ि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी एग्जाम कैंसिल करने की मांग उठाई थी।

ये कारण भी माना जा रहा

परीक्षा रद्द करने का एक कारण ये भी माना जा रहा है कि कोरोना की दूसरी लहर में केंद्र सरकार लगातार निशाने पर रही है। ऑक्सीजन, वैक्सीनेशन से लेकर बेड तक के मुद्दे पर विपक्ष ने केंद्र को घेरना में कोई कसर नहीं छोड़ी। ऐसे में विपक्ष की इस मांग को लेकर केंद्र ने 10वी और 12वी की परीक्षा रद्द कर दी।

परीक्षा रद्द के फ़ैसले पर क्या बोले पीएम मोदी?

बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। कोरोना के बीच बच्चों पर तनाव डालना ठीक नहीं है। पीएम ने कहा कि कोरोना काल के माहौल में बच्चों को तनाव देना उचित नहीं है। बच्चों की जान खतरे में नहीं डाल सकते हैं। 12वीं कक्षा के नतीजे समयबद्ध तरीके से एक अच्छी तरह से परिभाषित उद्देश्य मानदंड के तहत बनाए जाएंगे।

रिजल्ट कैसे घोषित होंगे ?

बताया जा रहा है कि पिछले साल की तरह स्कूल के इंटरनल परीक्षा के आधार पर रिजल्ट तय होंगे। अगर कोई छात्र इससे संतुष्ठ नहीं होगा तो वो अलग से परीक्षा दे सकता है। ये तब होगा जब हालात ठीक हो जाएंगे।

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