शांति धारीवाल ने नहीं माना गोविंद सिंह डोटासरा का आदेश, कहा- बहुत देखें ऐसे अध्यक्ष

172

Jagran plus News, राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और UDH मंत्री शांति धारीवाल के बीच पिछले दिनों हुई कैबिनेट की बैठक में जिस मुद्दे को लेकर भिड़ंत हुई, वह आज भी बरकरार है। धारीवाल ने डोटासरा के आदेश मानने से साफ इनकार कर दिया है। कैबिनेट की बैठक में हुई झड़प के वक्त भी धारीवाल ने डोटासरा से दो टूक कहा था कि वे आदेश मानने को बाध्य नहीं हैं। उन्होंने बहुत अध्यक्ष देखे हैं।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने पिछले दिनों सभी मंत्रियों को चिट्ठी भेजकर 4 जून को अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में फ्री वैक्सीनेशन के मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के आदेश दिए थे। इस आदेश को मानते हुए बाकी सभी मंत्री तो अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में चले गए, लेकिन धारीवाल का जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस का कोई कार्यक्रम नहीं आया है।

शांति धारीवाल जयपुर के प्रभारी मंत्री होने के बावजूद कोविड पर जयपुर में बैठक नहीं लेंगे। न यहां फ्री वैक्सीनेशन अभियान पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। धारीवाल ने प्रभार वाले जिले की जगह अपने गृह जिले (कोटा) को बैठक के लिए चुना है।कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि सुविधा के हिसाब से धारीवाल और लालचंद कटारिया ने एक-दूसरे के प्रभार वाले जिलों में बैठक करने का फैसला लिया है। उधर, जानकारों का कहना है कि धारीवाल ने अपनी बात मनवाने के लिए और प्रदेशाध्यक्ष के आदेश की खिलाफत करने के लिए ऐसा किया है।

धारीवाल जिद पर अड़े

सीएम हाउस पर हुए झगड़े में डोटासरा ने धारीवाल से प्रभार वाले जिले जयपुर में ढाई साल के दौरान एक भी बैठक नहीं करने पर तंज कसा था। मामला इतना गरमाने के बावजूद धारीवाल ने जयपुर जिले की बैठक नहीं लेने का फैसला कर लिया। धारीवाल ने साफ तौर पर मैसेज दे दिया कि वे प्रदेशाध्यक्ष के आदेश अब भी नहीं मानेंगे।

धारीवाल ने कलेक्टर्स को ज्ञापन देने का विरोध किया था, उस पर कायमकैबिनेट की बैठक में शांति धारीवाल और डोटासरा के बीच फ्री वैक्सीनेशन के मुद्दे पर ज्ञापन देने को लेकर ही झगड़े की शुरुआत हुई थी। डोटासरा का कहना था कि केसी वेणुगोपाल का सर्कुलर आया है जिसमें प्रमुख नेताओं को जिले में कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देना है। इसमें फ्री वैक्सीनेशन की मांग करनी है। इस पर धारीवाल ने बीच में ही टोकते हुए कहा था कि मंत्री कलेक्टर को ज्ञापन क्यों दें, सीधे राष्ट्रपति के पास ही हमें जाना चाहिए।

धारीवाल तीन बार से सबसे पावरफुल मंत्री

शांति धारीवाल गहलोत सरकार के सबसे पावरफुल मंत्री माने जाते हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट‌ और शहरी विकास के कामों में गहलोत के तीन कार्यकाल में धारीवाल ही सर्वेसर्वा रहे हैं। विधानसभा में ट्रबल शूटर की भूमिका में भी गहलोत धारीवाल को ही आगे रखते आए हैं। विधानसभा में कई बार ऐसे मौके आए जब धारीवाल स्पीकर से ही उलझ पड़े, लेकिन उन्हें कुछ कहने की हिम्मत कोई नहीं दिखा पाया।